hi friends आप सब कैसे है। आशा करता हु की आप सब अच्छे होंगे। आज हम सब hindi में NCERT Class-6 Geography ( Chapter- 3 ) (पृथ्वी की गतियाँ ) Notes and summary in Hindi me आगे पढ़ेंगे और एक अच्छे से notes तैयार करेंगे जो आने वाले आगामी किसी भी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में हेल्प करेगी।
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Chapter-3
पृथ्वी की गतियाँ
1. पृथ्वी की गति दो प्रकार की होती है।
- घूर्णन-पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है।
- परिक्रमण-सूर्य के चारो ओर एक स्थिर कक्ष में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते है।
2. पृथ्वी का अक्ष एक काल्पनिक रेखा है , जो इसके कक्षीय सतह से 66.5 अंश का कोण बनाती है।
- वह समतल जो कक्ष के द्वारा बनाया जाता है, उसे कक्षीय समतल कहते है।
3. ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते है।
4. पृथ्वी अपने अक्ष पर 1670 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से 23 घंटा, 56 मिनट और 4 सेकण्ड में अपनी अक्ष पर एक चक्कर पूरा करती है। इसी वजह से पृथ्वी पर दिन व रात होती है।
5. पृथ्वी एक वर्ष या 365 दिन और 6 घंटे में सूर्य का एक चक्कर लगाती है हम लोग एक वर्ष 365 दिन का मानते है तथा सुविधा के लिए 6 घंटे को इसमें नहीं जोड़ते है।
- चार वर्षो में प्रत्येक वर्ष के बचे हुए 6 घंटे मिलकर एक दिन यानी 24 घंटे के बराबर हो जाते है।
- अतिरिक्त दिन को फरवरी माह में जोड़ दिया जाता तथा लीप वर्ष में फरवरी 29 दिन की हो जाती है।
ऋतु परिवर्तन :
1. ऋतुओं में परिवर्तन सूर्य के चारो ओर पृथ्वी की स्थिति में परिवर्तन के कारण होता है।
a) 21 जून की स्थिति :
- 21 जून को उत्तरीय गोलार्ध में सूर्य की किरणे कर्क रेखा पर सीधी पड़ती है।
- उत्तर ध्रुव सूर्य की तरफ झुका होता है तथा उत्तरीय ध्रुव रेखा के बाद वाले भागों पर लगभग 6 महीने तक लगातार दिन रहता है।
- 21 जून को इन क्षेत्रों ( उत्तरीय ध्रुव ) में सबसे लम्बा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तर अयनांत कहते है। इसे ग्रीष्म अयनांत भी कहते है।
- वही दक्षिणी ध्रुव पर लगातार रात होती है।
b) 22 दिसंबर की स्थिति :
- 22 दिसंबर को दक्षिण ध्रुव के सूर्य की ओर झुके होने के कारण मकर रेखा पर सूर्य की किरणे सीधी पड़ती है। इसीलिए दक्षिणी गोलार्ध में लम्बे दिन तथा छोटी रातों वाली ग्रीष्म ऋतु होती है।
- पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिण अयनांत कहा जाता है।
- आस्ट्रेलिया में ग्रीष्म ऋतु में क्रिसमस का पर्व मनाया जाता है।
c) 21 मार्च एवं 23 दिसंबर की स्थिति ( विषुव की स्थिति ):
- 21 मार्च एवं 23 दिसंबर को सूर्य की किरणे विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर नहीं झुका होता है , इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात व दिन बराबर होते है। इसे विषुव कहा जाता है।
- 23 सितम्बर को -उत्तरीय गोलार्ध - शरद ऋतु , जबकि दक्षिणी गोलार्ध में -बसंत ऋतु।
- 21 मार्च को - उत्तरीय गोलार्ध-बसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्द्ध -शरद ऋतु होती है।
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